laghu udyog full info-2021 लघु उद्योग से सवारें अपना भविष्य
हमारे देश में बढ़ते बेरोजगारी दर को देखते हुए small business sector कैसे शुरू करें याने लघु उद्योग कैसे शुरू करें (laghu udyog) यह काफी महत्वपूर्ण हो गया है। आज अशिक्षित-शिक्षित नौजवानों के लिए, उनके भविष्य को सवाँरने के लिए. और बेहतर भविष्य के निर्माण के लिए एक अच्छा factor साबित हो सकता है।
हम सभी जानते है की सूक्ष्म उद्योग, लघु उद्योग, तथा मध्यम उद्योग हमारे देश की औद्योगिक अर्थव्यवस्था मुख्य अंग है। जो देश में बड़े पैमाने पर रोजगार निर्मिती का साधन भी है।
लेकिन आज जागतिक स्तर पर चल रहे मंदी से और covid-19 जैसे आपदाओं से हमारी अर्थव्यवस्था काफी सुस्त हो गयी है जिस के चलते रोजगार निर्मिती के साधन सिमित हो गये है। और इसी के कारण देश में बेरोजगारी दर कई नये उच्चांक स्थापित कर रहे है। हम इस आर्टिकल में small business sector से जुड़े सभी लघु उद्योग कैसे शुरू करें के बारे में जानेंगे साथ ही laghu udyog को शुरू करने के लिए हम किस तरह और कहाँ से वित्तीय सहायता प्राप्त कर सकते है। इन सभी टॉपिक पर विस्तार से चर्चा करेंगे।
laghu udyog
लघु उद्योग क्या है? what is laghu udyog?
आम धारणा में हम कुटीर उद्योग, ग्रामीण उद्योग और लघु उद्योग को एक ही श्रेणी में रखते है। लेकिन इस में कई तरह की भिन्नता पाई जाती है। जैसे कुटीर उद्योग को हम पारिवारिक और पारंपरिक तौर पर परिभाषित करते है।लेकिन laghu udyog में हम छोटे पैमाने पर आधुनिकता के साथ नियोजित उत्पाद कर सकते है साथ ही स्थानिक स्तर पर किये जाने वाले ऐसे उद्योग में सम्मिलित कर सकते है जिस में मर्यादित पूंजी से निवेश और कम मात्रा में श्रम साधनों की आवश्यकता होती है।
लेकिन कई ऐसे भी उद्योग जो कुटीर उद्योग और ग्रामीण उद्योग की श्रेणी में आते हुए भी हम उसे एक स्तर पर आधुनिकता से जोड़ कर लघु उद्योग में बदल सकते है।
जैसे गाय या भैसे पालकर दूध का उत्पाद करना हो, मुर्गिया, बकरियां, इमू, कबूतर पालना हो या कोई भी पारंपरिक तौर पर किये जाने वाले व्यवसाय हो जिसे हम यांत्रिकीकरण, श्रमिक एवं परिवहन व्यवस्थापन, और मार्केटिंग के जरिये लघु उद्योग में स्थापित कर सकते है।
लेकिन आम धारणा से अलग सरकारी मापदंडों नुसार laghu udyog को परिभाषित करना पूर्णता उस के निवेश, आकार और टर्नओवर पर depend करता है। जिस के निर्धारण के लिए लघु उद्योग को तिन श्रेणियों में बाटा गया है,
1) माइक्रो उद्योग (Micro Business), 2) लघु उद्योग (Small Business), 3) मध्यम उद्योग (Medium Business) जिस की हम उद्योगों के दों मुख्य धाराओं ( सेवा क्षेत्र और निर्माण क्षेत्र) में अलग-अलग मापदंडों द्वारा समीक्षा करते है।
1) माइक्रो उद्योग (Micro Business) :- जहाँ निर्माण क्षेत्र में प्लांट, मशीनरी और अन्य निवेशों के लिए वित्तीय सीमा का निर्धारण 2लाख रुपये से लेकर 25 लाख रुपयों तक सिमित होता है। वही सेवा के क्षेत्र में micro business के निवेश के लिए वित्तीय सीमा का निर्धारण 10 लाख रुपयों से आगे नही बढ़ता।
2) लघु उद्योग (Small Business):- निर्माण क्षेत्र में प्लांट, मशीनरी और अन्य निवेशों के लिए वित्तीय सीमा का निर्धारण 25 लाख रूपये से लेकर 5 करोड़ तक की सीमा में बढ़ता है और सेवा क्षेत्र के लिए सरकारी अनुपात में laghu udyog के लिए 10 लाख से 2 करोड़ रूपये निर्धारित किया गया है।
3) मध्यम उद्योग (Medium Business) :- मध्यम उद्योगों के लिए निर्माण क्षेत्र में आवंटित निर्धारण 5 करोड़ से अधिक और 10 करोड़ से कम प्लांट, मशीनरी और अन्य निवेशों के लिए तय किया गया है। और सेवा क्षेत्रों के लिए उपकरणों और अन्य निवेशों के लिए 2 करोड से 5 करोड़ रुपयों तक निर्धारित किया गया है।
जिसे हम एक टेबल के माध्यम से समझते है।
| *सभी कीमतें रुपयों में | निर्माण क्षेत्र | सेवा क्षेत्र |
|---|---|---|
| माइक्रो उद्योग | 2लाख* -25 लाख* | 2लाख* -10 लाख* |
| लघु उद्योग | 25लाख* - 5 करोड़* | 10लाख* - 2 करोड़* |
| मध्यम उद्योग | 5करोड़* - 10 करोड़* | 2करोड़* - 5करोड़* |
अर्थव्यवस्था में लघु उद्योग का महत्व Importance of laghu udyog
देश की अर्थव्यवस्था में लघु उद्योग का महत्व कई तरह से अधोरेखित होता है। छोटे गावों से लेकर निगमों, बड़े बड़े शहरों में laghu udyog के द्वारा कई तरह के रोजगारों का निर्माण होता है जिस से देश में प्रति व्यक्ति दरडोई income में बढ़ोतरी होती है।आज हमारे देश में संघटित बड़े उद्योगों के मुकाबले सूक्ष्म, लघु तथा मध्यम उद्योगों से ज्यादा रोजगार उत्पन्न हो रहा है। साथ ही लघु उद्योगों से शहरों की और बढ़ रही आबादी को अपने गावों में रोखने की क्षमता को विकसित किया जा सकता है।
laghu udyog से जुड़े व्यक्ति की रोजगार से माध्यम से आय का निर्धारण उस के जीवनशैली को बदल सकता है और खुशहाली से भर सकता है।
जिस से देश की अर्थव्यवस्था को बड़े पैमाने पर चालना मिलती है और देश में असंघटित कामगारों के रोजगार का जो सब से बड़ा सवाल देश के सामने है उस से काफी हद तक छुटकारा मिल सकता है।
इसलिए सरकार की वार्षिक तथा पंचवार्षिक बजेट में लघु उद्योगों के लिए कई तरह की तरतुदें होती है। जिस से असंघटित कामगारों के लिए भी रोजगार के कई माध्यम हो सकें और देश की अर्थव्यवस्था का बोझा कम होने के साथ अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सकें।
सूक्ष्म, लघु तथा मध्यम उद्योगों को बढ़ावा मिलने के साथ साथ कुशल कामगारों के निर्माण के लिए तथा वित्तीय मार्गदर्शन के साथ हर तरह की सहायता के लिए भारत सरकार द्वारा सन1955 में ” राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम लिमिटेड ” ( National Small Industries Corporation Limited– NSIC) की स्थापना की गयी थी|
राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम लिमिटेड – NSIC
NSIC सरकार द्वारा जारी laghu udyog के विकास हेतु कार्य तो करता ही है साथ ही लघु उद्योजकों को प्रशिक्षण देने के साथ साथ कौशल विकास, यंत्र सामग्री, कच्चा माल, टेक्नोलॉजी, प्रौद्योगिकी सहायता के साथ वित्तीय सहायता के लिए भी प्रयास करता है।
जिसे लघु उद्योगों को बढ़ावा मिल सकें और लघु उद्योगों से रोजगार साधनों को भी बढ़ाने का प्रयास करता है।
इस के साथ साथ NISC लघु उद्योग और नामचीन कंपनियों में समन्वय की भूमिका निभाता है साथ ही कई लघु और कुटीर उद्योगों के प्रदर्शनी और विज्ञापनों के व्यवस्थापनों के भी कार्य करता है।
पहले हम laghu udyog के फायदे क्या क्या है यह जान लेते है।
- अपने कौशल और intrest के बूते कोई भी व्यक्ति किसी सी भी जगह से कम पूंजी में अपना व्यवसाय शुरू कर सकता है।
- कोई भी भारतीय नागरिक लघु उद्योग के लिए उस से जुड़ी योजनाओं और सब्सिडी का लाभ उठा सकता है
- लघु उद्योग में कम से कम लागत में अधिक कमाई की क्षमता का विकास कर सकते है।
- पहले लघु उद्योग के सरकारी योजनाओं के पात्रता के निकश निवेशों के आधार पर तय होते थे जो आज निवेश और टर्न ओवर के आधार पर पात्रता निकशों में शिथिलता प्रदान की गई है।
- Laghu udyog में उत्पादित किसी भी product के लिए आसानी से निर्यात के उद्देश्य को सरकारी सहायता प्रदान होती है।
laghu udyog
NSIC, उद्योग आधार, और MSME डाटा बैंक में पंजीकृत laghu udyog के कुछ प्रतिशत उत्पाद को खरीद garrenty laghu udyog के लिए आरक्षित की जाती है।
laghu udyog के लिए इन बातों का रखें ध्यान
किसी भी laghu udyog की शुरवात करने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखना आवश्यक है। ऐसा नहीं है की आप किसी बैंक या किसी वित्तीय संस्था से वित्तीय सहायता के बिना लघुउद्योग शुरू नही कर सकते, यदि आप स्वयं आर्थिक दृष्टी से सक्षम है तो बिना किसी थर्ड पार्टी से वित्तीय सहायता लिए बिना भी आप लघुउद्योग शुरू कर सकते है।जब आप किसी थर्ड पार्टी याने बैंक या किसी वित्तीय संस्था से वित्तीय सहाय लेते ही तो आप को नियमों के अनुसार कई steps को fallow करना होता जरुरी होता है। लेकिन जब आप किसी वित्तीय सहायता के बिना अपना laghu udyog शुरू करते है तब भी आप को कुछ steps fallow करने चाहिए जिस से कई तरह के शासकिय सुविधाओं का लाभ को मिल सकें।अपना लघु उद्योग कैसे शुरू करें?
जीवन में कई तरह के सपने हम देखते है। कई तरह से अपने सपनों को सच करने के बारें मे भी सोचते है। उस में से ही एक सपना होता है की हम अपना खुद का छोटा business शुरू करें। उसे अच्छे से develope करें। उस छोटे से business से हम 2,4 लोगों को रोजगार दे सकें और हमारे साथ साथ उन के भी जीवन में बदलाव ला सकें। अपनी जीवनशैली को बेहतर बना सकें। इस तरह से कई सपने हम देखते है।लेकिन इस आर्टिकल में हम आपको step by step लघु उद्योग कैसे शुरू करें और अपने बिजनेस को किस तरह से build और develope कर सकते है इस के बारे में बताएंगे।
सब से पहले विषय का करें चयन।
यह सब से अधिक महत्वपूर्ण है की आप जब लघु उद्योग के बारे में सोच रहे है तो आप के दिमाग में business संबंधी क्या क्या ideas आ रहे है? इस के लिए आप को पहले खुद की रुचि के टॉपिक को चुनना होगा। जो काम आप intrest के साथ कर सकते है। वह काम करना आप को अच्छा और मजेदार लगता है। या आप की उस विषय पर अच्छी पकड़ है। या आप को उस विषय की काफी अच्छी और detail जानकारी है। ऐसे कामों या लघु उद्योगों की आप पहले अच्छे से list बना लें।एक टॉपिक के लिए खुद की सहमति बनाएं।
अब अपने list लिए हुए विषयों को कुछ point को ध्यान में रखकर analysis करें।आप का list किया हुआ कौन सा विषय लोगों को ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता हैं। या लोगों के लिए आवश्यक एवं महत्वपूर्ण है।
लिस्ट किए हुए विषयों में कौन से विषय को स्थानिक मार्केट ज्यादा compitision है। और स्थानिक मार्केट में उस विषय की किस तरह से branding हो रही है।
क्या मार्केट से थोड़ी अलग हम उस विषय की branding कर सकते है।
Raw material के साथ साथ हम यांत्रिक और श्रमिक साधनों पर किस तरह से depend हो सकते है।
हम ने चुनें हुए विषय पर हमें कई मार्गदर्शकों द्वारा दिए सुझाव और राय को एकत्रित करना चाहिए। जिसे हम उस विषय के लिए सही और पर्याप्त डेटा जमा कर सकें।
किसी विषय के लिए आप कितने ग्राहक शुरुआती दौर में जोड़ सकते हो।
इस तरह से जब हम अपना laghu udyog शुरू करेंगे तो उस विषय संबंधी सभी डेटा हमारे पास होना अनिवार्य होता है। क्यों की आजकल हर क्षेत्र में compitition बढ़ गया है। चाहे वह बड़े पैमाने पर किया कोई उद्योग हो या कोई laghu udyog। आप जिस भी विषय को अपना लघु उद्योग बनाना चाहते हों उसका raw materials से लेकर मार्केट की सभी value का डेटा आप के पास होना अनिवार्य है। जिस से आप अपने business के लिए कोई back up प्लान तैयार रख सके है।
चुने हुए लघु उद्योग के लिए अपना प्लान तैयार करें।
अब आप ने एक business idea को टारगेट कर लिया है तो आप को पहले उसका एक अच्छा और सटीक प्लान तैयार करना चाहिए। जिस से आप अपने business में डूबने का खतरा कम हो जाता है और आप भी एक प्लान के साथ आगे बढ़ सकते है। आप को आप के busniess के लिए ऐसा प्लान तैयार करना है जिस में आप अपने business idea की हर छोटी से छोटी बातों को add करेंगे। जैसे…आप के विषय अनुसार आप अपने laghu udyog के लिए किस तरह को जगह का चयन करेंगे।
अपने ग्राहकों से आसानी से जुड़ने के लिए पर्याप्त साधन और व्यवस्था क्या होनी चाहिए।
आप अपने लघु उद्योग में कितना invest करना चाहिए और कितनी वित्तीय सहायता की आप को जरूरत होगी।
आप के laghu udyog में होनेवाला निवेश कितने targeted time में रिटर्न कर सकते है।
Raw materials से लेकर परिवहन के सभी छोटी से छोटी बातों का अध्ययन करें।
आप अपने business को google map के साथ साथ social media से जोड़ना काफी आवश्यक है जिस से आप अपने ग्राहकों से अच्छी bonding स्थापित कर सकते है।
अपने laghu udyog का करें रजिस्ट्रेशन
जब ही आप कोई नया कारोबार या business शुरू करना चाह रहे है तो आप को उसका रजिस्ट्रेशन करना अनिवार्य तो नही होता किन्तु रजिस्ट्रेशन करने का benefit आप को जरुर होता है। जिसके द्वारा आप सरकार को आपके business के बारें में जानकारी देते है। जिस से लघु उद्योग के लिए सरकार द्वारा जरी कई स्कीमों का लाभ हमें मिल सकता है। और सरकार को भी tax मिलता है।लघु उद्योग के लिए दों तरह से रजिस्ट्रेशन किया जाता है। आप का laghu udyog शुरू होने से पहले आप को अस्थायी रजिस्ट्रेशन करना होता है और वह 6 महीनों के लिए valid रहता है जो राज्य उद्योग निर्देशनालय द्वारा जारी किय जाता है।
जब हमारा लघु उद्योग का उत्पादन शुरू हो जाता है और हमारे अस्थायी रजिस्ट्रेशन की validity खत्म हो जाती है तब हम अपने laghu udyog के लिए राज्य उद्योग निदेशनालय के सामने स्थायी रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन कर सकते है।
सूक्ष्म, लघु, और मध्यम उद्योग के लिए रजिस्ट्रेशन की अनिवार्यता नही होती। लेकिन इसके फायदे आप को जरुर होते है। जैसे …
- लघु उद्योग के लिए कई तरह के आरक्षण का प्रावधान होता है जिस का सीधा लाभ आप को मिल सकता है
- आयकर अधिनियम कानून के अंतर्गत प्रत्यक्ष tax में छुट दी जाती है।
- रजिस्ट्रेशन से बैंक में loan के लिए आसानी होती है।
- लघु उद्योग पर मिलने वाले loan पर ब्याज दर काफी कम होते है।
laghu udyog के रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन कैसे करें?
पहले रजिस्ट्रेशन के लिए offline तरीकों से आवेदन किया जाता था जिस के लिए लघु उद्योग कार्यालय में काफी चक्कर काटने पड़ते थे। लेकिन आज भारत सरकार ने MSME की इस प्रक्रिया को ऑनलाइन कर के काफी सरल बना दिया है। जिस के लिए आप को Udyam Registration के पोर्टल पर जाना होता है और MSME/Udyam Registration process को fallow करना होता है। और अपने आधार कार्ड के details के साथ अन्य जरुरी जानकारी को सटीकता से अपलोड करना होता है। जिस से आप अपने laghu udyog का रजिस्ट्रेशन बिलकुल मुफ्त करवा सकते है।
यह सरकार द्वारा जारी बिलकुल मुफ्त प्रक्रिया है और ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए आप को किसी भी प्रकार के documents अपलोड करने की आवश्यकता नही होती। इस के लिए आप के आधार नंबर को अनिवार्य बनाया गया है। इसलिए इस के रजिस्ट्रेशन के लिए आधार कार्ड को होना आवश्यक है। साथ ही 2021 से GSTनंबर और PAN नंबर को भी अनिवार्यता में शामिल किया गया है।लघु उद्योग लोन योजना
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग के साथ स्वयंरोजगार के लिए केन्द्रीय तथा राज्य सरकार द्वारा कई योजनायें लागु की जाती रही है जिस का उद्देश उद्योग और स्वयंरोजगार के प्रति देश के नौजवानों को प्रेरित करना और उनके आत्मनिर्भरता का प्रयास भी है जिस से देश की अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलता है और साथ ही नए रोजगारों का सृजन होता है।
laghu udyog के लिए सरकार द्वारा जारी वित्त योजनाएं- प्रधानमंत्री मुद्रा योजना
- प्रधानमंत्री रोजगार योजना
- लघु उद्योगों के लिए क्रेडिट गर्रेंटी फण्ड योजना
- क्रेडिट लिंक कैपिटल सब्सिडी स्कीम
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना छोटे तथा laghu udyog शुरू करें के लिए भारत सरकार द्वारा सन 2015 से प्रधानमंत्री मुद्रा योजना का शुभारम्भ किया गया है। स्वयंरोजगार के लिए आसानी से वित्तीय सहायता को उपलब्ध करने के साथ साथ रोजगार का सृजन करना ही इस योजना का मुख्य उद्देश्य है।
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत तिन तरह के loan उपलब्ध कराएं जाते है।
आप अपने लघु उद्योग शुरू करने के लिए प्रधानमंत्री मुद्रा लोन के लिए किसी भी राष्ट्रीयकृत बैंक से aply कर सकते है।
प्रधानमंत्री रोजगार योजना
प्रधानमंत्री रोजगार योजना के लिए कुछ मापदंड दिए गये है जैसे,
- आवेदक की उम्र 18 से 35 वर्ष होनी चाहिए।
- न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 8 वीं पास होनी चाहिए।
- आवेदक की पारिवारिक आय 40,000/ वार्षिक से अधिक नही होनी चाहिएं।
- आवेदक का स्थायी निवास कम से कम 3 वर्ष होना चाहिए।
- आवेदक किसी भी बैंक/को-ऑपरेटिव बैंक/ nationalized financial institution का लोन डिफाल्टर नही होना चाहिए।
प्रधानमंत्री रोजगार योजना के तहत लाभार्थियों को सामान्य वर्ग के लिए 15% और आरक्षित वर्ग के लिए 25% तक सब्सिडी दी जाती है।
laghu udyog
अन्य वित्तीय बैंकों द्वारा दिए जाने वाले लघु उद्योग कर्ज
नीचे सूचीबद्ध कई वित्तीय बैंक व्यवसाय ऋण और लघु व्यवसाय ऋण के प्रमुख विवरण प्रदान करते हैं।
| SR NO. | BANK | LOAN RATE | LOAN AMOUNT | PERIOD |
|---|---|---|---|---|
| 1. | HDFC BANK | 11.90% से 21.35% प्रति वर्ष | 50 लाख तक | 12 महीने - 48 महीने |
| 2. | CAPITAL FLOAT | 15% से 24% प्रति वर्ष | रु.5 लाख - रु.50 लाख | 12 महीने - 36 महीने |
| 3. | CAPITAL FIRST | निर्धारित नियमों और शर्तों के अनुसार | रु.3 लाख - रु.75 लाख | 12 महीने - 60 महीने |
| 4. | RBI BANK | निर्धारित नियमों और शर्तों के अनुसार | रु.10 लाख तक | 12 महीने - 60 महीने |
| 5. | IIFL FINANCE | 16% से 30% प्रति वर्ष | 50 लाख तक | 12 महीने - 36 महीने |
| 6. | BANK OF BDRODA | निर्धारित नियमों और शर्तों के अनुसार | रु.5 लाख तक | निर्धारित नियम और शर्तों के अनुसार |
| 7. | AXIS BANK | निर्धारित नियमों और शर्तों के अनुसार | रु.50,000 - रु.50 लाख | निर्धारित नियम और शर्तों के अनुसार |
अपने business पर करें फोकस
आप को ज्यादा से ज्यादा आप के प्रोडक्ट के बिक्री पर ध्यान देने की आवश्यकता शुरवाती दौर में होती है। जिस के लिए आप कई लोगों को अपने business से जोड़ सकते है साथ ही एक लिमिटेड बजेट आप विज्ञापनों पर भी खर्च कर सकते है।
शुरवाती दौर में आप को आप के प्रोडक्ट को लोगों तक पहुचने के लिए मेहनत करनी पड़ेगी। अपने प्रोडक्ट के ट्रस्ट को लोगों में बिल्ड करने के लिए आप को एक अच्छी service देना अति आवश्यक होता है।
आप के business में नई नई बातों को involve करना आप को सीखना होगा। ताकि आप आप के competetor के मुकाबले हमेशा अपडेट रह सकें।
लघु उद्योग सूचि ( laghu udyog list )
रेशीम कीटक संवर्धन
मशरूम प्रोसेसिंग
पोटैटो बनाना वेपेर्स
goat फार्म
buff low फार्म
पोल्ट्री फार्म
मिल्क प्रोसेसिंग business
वार्मिकोम्पोस्ट fertilizers
पशु आहार प्रकल्प
मधुमक्खी पालन
मछली पालन
कृषि पर्यटन व्यवसाय
बेकरी उत्पाद
मुर्गी दाना का उत्पादन
तेल मिल
मसाला उत्पादन
नमकीन उत्पादन
आइसक्रीम उत्पादन
जैम/जेली/सॉस उत्पादन
कार्नफ्लेक्स उत्पादन
नूडल्स उत्पादन
दाल मिल
पापड़ एवं बड़ी उत्पादन
पाँपकार्न उत्पादन
आचार, मुरब्बा उत्पादन
पोहा/चुड़ा उत्पादन
बीज प्रसंस्करण एवं पैकेजिंग
फलों के जूस की इकाई
मखाना प्रोसेसिंग
मिठाई उत्पादन
बोतल बंद पानी
बेंत का फर्निचर निर्माण
सीमेन्ट कंक्रीट पोल
प्लास्टर ऑफ़ पेरिस का सामान
मच्छर भगाने का टिकिया
डिस्पोजेबल डाइपर एवं सेनेटरी नैपकिंन
हाथ से बना हुआ कागज
बिन्दी एव मेहंदी उत्पादन इकाई
अगरबत्ती उत्पादन
मोमबत्ती उत्पादन
नोटबुक/कॉपी /फाईल/फोल्डर उत्पादन
वेब सॉफ्टवेयर डेवलपमेन्ट एवं डिजाईनिंग
Desktop Publishing & Screen Printing
फ्लैक्स प्रिन्टिग
मोबाईल एवं चार्जर रिपेयरिंग
एयर कंडिसन रिपेयरिंग
टू-व्हीलर रिपेयरिंग
बिजली मोटर बाइडिंग
घरेलू बिजली वायरिंग एवं रिपेयरिंग
सैलून
ब्यूटीपार्लर
ढ़ाबा/होटल/रेस्टोरेन्ट/फुड ऑन व्हील्स
टेन्ट हाउस एवं इवेन्ट मैनेजमेन्ट
प्लास्टिक वेस्टरी-प्रोसेसिंग
पेपर कप एवं प्लेट निर्माण
बेडसीड, तकिया कवर निर्माण
चमड़े के बैग, बेल्टस, वालेट एव ग्लोब्स आदि निर्माण
ओर भी ऐसे कई तरह के laghu udyog आप कर सकते है। जिस के लिए शासकीय तौर पर हमें काफी अच्छी मदद मिल जाती है। किसके कई फायदे भी है जो आप सभी को अच्छे तरह से पता है। लेकिन सब से बड़ा फायदा यह है की हमें अपना घर, अपना गावं, या अपनी जन्मभूमि छोड़ कर कही ओर जाने की जरूरत नही होती। हम अपने गाव में अपना business अच्छे से develope कर सकते है। और अपने जीवन के स्तर को काफी ऊँचा उठा सकते है।
” यदि आप को हमारा लघु उद्योग कैसे शुरू करें? यह आर्टिकल पसंद आया हो तो शेयर जरुर करें। जिसे आप के साथ साथ आप के relative या मित्रगण भी लघु उद्योग में दिलचस्पी लें सकें और जीवन को बेहतर बना सकें।”
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