झूठ बोलने के नुकसान – effects of lying in a relationship

 

झूठ बोलने के नुकसान – effects of lying in a relationship

 

क्या हमने कभी सोचा है झूठ बोलने के नुकसान के बारे में हम दिन भर कितना झूठ बोलते है? और कितनी सरलता से झूठ बोल लेते है? झूठ बोलने के लिए हमें मन में कितना विचारविमर्श करना पड़ता है? और वह झूठ पकड़े जाने का कितना डर मन को रहता है? क्या झूठ बोलना हमारे तन और मन के स्वास्थ के लिए ठीक होता है? झूठ बोलने की आदत से हमारे व्यक्तित्व (Image) पर क्या असर पड़ता है? effects of lying in a relationship और क्या हम झूठ बोलने से छुटकारा पा सकते है?

जानते है झूठ बोलने के नुकसान क्या होते है?

क्या झूठ बोलने से बढ़ रहा है तनाव। effects of lying in a relationship

हम खुद झूठ बोलना तो नहीं चाहते फिर भी कुछ बाते ऐसी हो जाती है या ऐसा वक्त आ जाता है कि मजबूरन हमें झूठ बोलना पड़ता है। अगर हम किसी पेशे में हो या खुद का व्यवसाय करते हो तो हमारी यह आदत बन जाती है। पर यही आदत हमारे मानसिक तनाव का कारण बनती जाती है।क्यों की हमारा झूठ पकड़े जाने पर हमें बहुत guilty feel होता है। और जिसे हम झूठ बोलते है उसका भी हम पर से भरोसा( trust) उठ जाता है। इसी कारण धीरे धीरे हम मानसिक तनाव के शिकार होते जाते हैं।

झूठ बोलने के नुकसान
झूठ बोलने के नुकसान


क्या झूठ बोलना हो रहा है हमारी आदतों में शुमार।

शुरवाती दौर में या बचपन झूठ बोलने के नुकसान को समझ नहीं पाते और हम थोड़ा थोड़ा झूठ बोलना सुरु करते है। अपने माता पिता या हमारे परिवार के सदस्यों से खुद के बचाव के लिए झूठ बोल लेते है। उस झूठ में थोड़ा emotion भी मिला(attach) देते है और वह झूठ हमें बचा लेता है। तबसे हमें यह लगना शुरू हो जाता है। की हम झूठ बोल के बच सकते है। मन को यह विश्वास आ जाता है। इसि तरह घर में , स्कूल में, दोस्तों के साथ हम झूठ बोलते जाते है।

इसी तरह झूठ बोलना हमारी आदतों में शुमार हो जाता है। और फिर हम कभिभी झूठ बोलना शुरू कर देते है। बाद में झूठ बोलने के नुकसान तो दिखते है लेकिन हमें झूठ बोलना, बढ़ा चढ़ा कर बोलना अच्छा लगता है। इस तरह झूठ बोलना हमारे Life का हिस्सा बन जाता है।

क्यों हम समझते हैं झूठ बोलने से सब होगा ठीक। झूठ बोलने के नुकसान

जब झूठ बोलना हमारे जीवन का हिस्सा बन जाता है तब हमें यह यकीन होता जाता है कि झूठ बोलने से काम चल जाता है।हम सच को महसूस किए बिना ही झूठ बोल देते है। समाज में हम अपने झूठी बातों से रुतबा हासिल करना चाहते हैं। खुद को एक stage पे दिखाने के लिए हम न जाने कितनी डिंगे हांकते है।( शराब पीने वाले तो दुनिया हिलाने की भी बात कर लेते हैं।) फिर हम उसी झूठ के साथ जीने लगते है। और फिर वह झूठ हमारे अंंदर पूरी तरह ढल जाता है। इसलिए कभी कभी तो हमारे ही झूठ को हम खुद सच मान बैठते है।

झूठ बोलने के नुकसान। effects of lying in a relationship।

सिर्फ हमें यह आभास रहता है कि हम जो झूठ बोल रहे है उसका हमें बहुत फायदा हो रहा है पर यह सिर्फ हमारी गलतफहमी होती है। झूठ बोलने से हमें कभी कुछ फायदा नहीं होता सिर्फ और सिर्फ हमारा loss (नुकसान) ही होता है। आओ जानते है किस तरह से हमें loss होता है।

  1. जहां भी या जिसके साथ हम झूठ बोलते है उसके मन में हमारा trust ख्तम हो जाता है।

  2. हमारे झूठ बोलने की आदत से लोग हमें हल्के में लेना शुरू करते है। हमारी बातों का महत्व कम हो जाता है। चाहे वह कितनी भी गंभीर या सच बात हो।

  3. झूठ बोलने के लिए मन को काफी विचार करना पड़ता है इसलिए मन में तनाव बढ़ता है। और ज्यादा तनाव की स्थिति में हम depression में जाने का खतरा रहता है।

  4. हमारे झूठ बोलने के आदत से हमारे व्यवसाय या हमारे काम पर गहरा असर पड़ सकता है।

  5. हमारे झूठ बोलने की आदत से हमारे अपने दोस्त,परिवार के सदस्य, हमारे relative या हमसे लगाव रखने वाले लोग हमसे दूरियां बना सकते है।

  6. और ऊपर लिखी सारी बातों से हमारे जीवन की खुशियां खो सकते है।

झूठ पकड़े जाने पन क्या होती है मन की स्थिति। झूठ बोलने के नुकसान।

यह स्थिति बड़ी ही कश्मकश की होती है। क्यों की अगर हमारा झूठ पकड़ा जाए(और वह कभी ना कभी पकड़ा जाता ही है) तब हमारे पास उसका कोई जवाब नहीं होता। उस वक्त सिर्फ अपराध का भाव (guilty feeling) मन में उमड़ रहा होता है। हम विश्वास खो बैठते है। और उस व्यक्ति से हम कभी भी आँख नहीं मिला पाते। इसी कारण मन की बेचैनी बढ़ती जाती हैं।

झूठ बोलने के नुकसान। १ सच बोलने के फायदे।

जब हम एक सच को छिपाकर झूठ बोलते है तब वह सिलसिला शुरू हो जाता है। हमने बोला हुआ झूठ साबित करने के लिए हमें और झूठ बोलना पड़ता है। ऐसे करते करते झूठ की जाल में फंसते जाते है।मन की बेचैनी और दिमाग का दर्द बढ़ता ही जाता है। इस तरह झूठ बोलकर हम ना तो खुश रह पाते है और ना ही सुकून से रह पाते हैं। इससे तो अच्छा यह है कि हम एक सच बोल दे और वह बात दिमाग और मन से निकल जाए। इससे हमारा मन भी शांत रहेगा और दिमाग भी ठंडा रहेगा। ना ही मन में बेचैनी रहेगी और ना ही हमारा मानसिक संतुलन बिगड़ेगा।

सच बोलने के फायदे। सच बोलने के बहुत सारे फायदे होते है।

  • लोगोंका हमपर विश्वास बढ़ता है।

  • सच बोलने पर कोई व्यक्ति थोड़ी देर रुष्ट हो सकता है पर वह हमारी बातों से सहमत भी होता है। और उसके मन में हमारे प्रति आदर बढ़ता है।

  • सच बोलने के लिए हमें ज्यादा सोचविचार नहीं करना पड़ता इसलिए मन भी शांत और एकाग्र रहता है।

  • हमारे सच बोलने का सबसे ज्यादा असर हमारे कारोबार या व्यवसाय पर होता है। कारोबार या व्यवसाय में बढ़ोतरी होती है।

  • हमारे सच बोलनेसे हमारा रुतबा बढ़ता है। समाज में मान सम्मान मिलता है।

  • हमारे पारिवारिक सदस्य, हमारे relative, हमारे दोस्त इन सब में हमारे शब्दों का वजन बढ़ता है। कोई हमें हल्के में नहीं के सकता।

  • सच बोलने से हमारी positivity बढ़ती है। किसी भी काम पर हम अच्छी तरह focus करते है।

  • सच बोलने से मन शांत रहता है और मन की शांति life के छोटी छोटी बातों से खुशियां बटोर लेती है।

झूठ से हम सिर्फ और सिर्फ दुःख, दर्द, बेचैनी, अकेलापन, तनाव और निराशा ही हासिल कर सकते है और सच से हम मन की शांति, सुख,हमदर्दी, प्रसिद्धि, विश्वासहर्ता, प्रेम सब कुछ पा सकते है।चुनाव तो हमें ही खुद करना हैं। हम सच के सहारे जिए या झूठ के सहारे जिए।

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